<b>श्री संजय हजारी,</b>
श्री संजय हजारी,

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

नेतृत्व

श्री संजय हजारी रक्षा उत्पादन क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक के व्यापक अनुभव वाले एक अनुभवी एवं सफल पेशेवर हैं। भारतीय आयुध निर्माणी सेवा (आईओएफएस) के 1989 बैच के विशिष्ट अधिकारी होने के नाते उन्होंने उत्पादन प्रबंधन, उत्पादन योजना, औद्योगिक अभियांत्रिकी, सामान्य प्रशासन, अधिप्राप्ति तथा आंतरिक अनुसंधान एवं विकास सहित विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित की है। वे विद्युत अभियांत्रिकी में डिग्रीधारी हैं तथा उन्होंने विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी तकनीकी एवं प्रबंधकीय दक्षता को और अधिक सुदृढ़ किया है।

अपने गौरवशाली करियर के दौरान श्री हजारी ने भारतीय रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कई प्रमुख नेतृत्व पदों पर कार्य किया, जहाँ उनके रणनीतिक दृष्टिकोण एवं परिचालन विशेषज्ञता ने दक्षता बढ़ाने, प्रणालियों को सुदृढ़ करने तथा प्रदर्शन परिणामों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) मुख्यालय में उप महानिदेशक (गोला-बारूद) के रूप में वे गोला-बारूद एवं विस्फोटक (एएंडई) समूह की फैक्टरियों की योजना एवं उत्पादन गतिविधियों के लिए उत्तरदायी थे। इस पद पर उनके कार्यकाल में प्रमुख विनिर्माण इकाइयों में बेहतर समन्वय तथा सुव्यवस्थित आपूर्ति सुनिश्चित हुई। म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के कॉर्पोरेट कार्यालय में महाप्रबंधक (परिचालन) के रूप में श्री हजारी ने एमआईएल समूह की समस्त फैक्टरियों के लिए उत्पादन योजना, लक्ष्य आवंटन तथा आंतरिक अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण किया। नवाचार को बढ़ावा देने तथा योजना प्रक्रियाओं का निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करने की उनकी क्षमता ने कंपनी की उत्पादन दक्षता में उल्लेखनीय योगदान दिया। बाद में, प्रमुख रक्षा उत्पादन इकाइयों में से एक, एम्युनिशन फैक्टरी खडकी (एएफके) के मुख्य महाप्रबंधक के रूप में उन्होंने फैक्टरी संचालन को अनुकूलित करने तथा समग्र प्रदर्शन मापदंडों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

30 अप्रैल 2025 को श्री संजय हजारी ने रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का कार्यभार ग्रहण किया। उनके विशाल अनुभव के साथ एमआईएल परिचालन क्षमताओं को और मजबूत करने का लक्ष्य रखता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व ऐसे निर्णायक समय में आया है जब कंपनी आधुनिकीकरण, वैश्विक विस्तार तथा भारत की रक्षा क्षमताओं को आत्मनिर्भरता के साथ सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।